Bigadne De बिगड़ने दे - 83


बिगड़ने दे Bigadne De Lyrics In Hindi


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इसी उमर में तो करता है दिल
ख्वाहिशें गिरने फिसलने की
अरे यह भी कोई उमर है क्या
संभालने की
यही जवानी बन जानी है वजह
बेवजह इतरा के चलने की
अरे यह भी कोई उमर है क्या
संभालने की
हो लोगों के डर से
हम अपने दिल की
मस्ती क्यूँ खोने दे
हरकत से अपनी नाराज़ दुनिया
होती है होने दे
बिगड़ने दे हमें ज़रा
सुधार के क्या करेंगे हम
बिगड़ने दे जो दिल में आएगा
वही करेगे हम
बिगड़ने दे हमें ज़रा
सुधार के क्या करेंगे हम
बिगड़ने दे किसी के बाप से
नही डरेंगे हम
बिगड़ने दे बिगड़ने दे
बिगड़ने दे बिगड़ने दे
सीधा सरल है यह फलसफा
मिले जो खुशियाँ रख ले
गम को कर दफ़ा
बस यह जो पल हैं
है काम का
इसके अलावा सब बे-मतलब
ख़ामखा
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हो आवारगी में ऐयाशियों में
शामें डूबों ने दे
हरकत से नाराज़ दुनिया
होती है होने दे
बिगड़ने दे हमें ज़रा
सुधार के क्या करेंगे हम
बिगड़ने दे जो दिल में आएगा
वही करेगे हम
बिगड़ने दे हमें ज़रा
सुधार के क्या करेंगे हम
बिगड़ने दे किसी के बाप से
नही डरेंगे हम
बिगड़ने दे बिगड़ने दे
बिगड़ने दे बिगड़ने दे..

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